ग्लेन कनिंघम (Glenn Cunningham) Determination
November 7, 2025 | by aashishgautam265@gmail.com
यह प्रेरणादायक कहानी है ग्लेन कनिंघम (Glenn Cunningham) की — जो एक छोटे से अमेरिकी गाँव में पैदा हुए थे। यह घटना सन् 1900 के आस-पास की है। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत साधारण थी। बचपन में ही उन्होंने ऐसी भयंकर दुर्घटना झेली जिसने उनकी ज़िंदगी बदल दी, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय अपने अद्भुत साहस और इच्छा शक्ति से इतिहास रच दिया।
🔥 हादसे की शुरुआत
ग्लेन और उनका बड़ा भाई फ्लॉयड गाँव के एक स्कूल में पढ़ते थे। स्कूल में रोज़ की तरह सफाई का काम उन्हें दिया गया था। उन्हें क्लासरूम में चूल्हा जलाने के लिए तेल (केरोसिन) लाना था ताकि कमरा गर्म रहे।
एक दिन गलती से ग्लेन ने तेल की जगह पेट्रोल का कनस्तर उठा लिया। जैसे ही उसने पेट्रोल चूल्हे में डाला, भयंकर विस्फोट हुआ और पूरा कमरा आग की लपटों में घिर गया।
दोनों भाई चीखने लगे। बाकी लोग दौड़कर आए, आग बुझाई गई, लेकिन तब तक दोनों बुरी तरह जल चुके थे।
🏥 अस्पताल और डॉक्टरों की निराशा
दोनों बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की लेकिन फ्लॉयड की मृत्यु हो गई।ग्लेन की हालत बहुत गंभीर थी। उसके शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह जल गया था। डॉक्टरों ने उसके माता-पिता से कहा —
“यह लड़का अब कभी अपने पैरों पर चल नहीं पाएगा। बेहतर है कि इसे व्हीलचेयर (तीन पहियों वाली कुर्सी) पर बैठा रहने दें।”
मां-बाप टूट गए, लेकिन ग्लेन ने अपने मन में एक दृढ़ निश्चय कर लिया —
“मैं कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, मैं पैदल चलूंगा और दौड़ूंगा भी!”
अद्भुत संकल्प और संघर्ष
शुरुआत में वह बिस्तर पर पड़ा रहता, लेकिन उसने हर दिन अपने पैरों को हिलाने की कोशिश शुरू की। दर्द असहनीय था, खून निकलता था, लेकिन वह रुकता नहीं था।
धीरे-धीरे उसने बिस्तर से उतरना शुरू किया। दीवार और फर्नीचर पकड़कर चलने का अभ्यास करता।गांव के लोग उसे सड़क पर घिसटते हुए देखते और कहते कि यह पागलपन है, लेकिन ग्लेन जानता था कि यह उसका संघर्ष नहीं, उसका भविष्य है।
कुछ महीनों बाद वह सच में अपने पैरों पर खड़ा होने लगा। और कुछ वर्षों बाद वह धीरे-धीरे दौड़ना भी शुरू कर दिया।
🏆 सफलता की उड़ान
ग्लेन ने स्कूल और कॉलेज में खेलों में हिस्सा लेना शुरू किया। उसकी गति देखकर लोग दंग रह जाते।जिस लड़के को डॉक्टरों ने “चल नहीं सकेगा” कहा था, वही लड़का अमेरिका का सबसे तेज धावक(Runner) बन गया।
ग्लेन कनिंघम ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में भाग लिया और अनेक पुरस्कार जीते। वह अंततः ओलंपिक में भी भाग लेने वाला विश्व प्रसिद्ध धावक बना।
🌟 प्रेरणा और संदेश
ग्लेन कनिंघम की कहानी सिर्फ एक इंसान की जीत नहीं है — यह मनुष्य की अजेय इच्छा शक्ति की कहानी है। जब दुनिया कहती है “यह असंभव है”, तो दृढ़ निश्चय कहता है “मैं कर सकता हूँ।”
“सफलता शरीर की ताकत से नहीं, बल्कि मन की ताकत से मिलती है।”
ग्लेन ने यह साबित कर दिया कि अगर मन में मजबूत संकल्प हो तो कोई चोट, कोई दर्द, कोई परिस्थिति आपको रोक नहीं सकती।
💬 निष्कर्ष
ग्लेन कनिंघम हमें यह सिखाते हैं कि जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी बाधाएँ क्यों न आएँ, हार नहीं माननी चाहिए। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि —
“अगर विश्वास और मेहनत साथ हो, तो अपंग शरीर भी मंज़िल तक दौड़ सकता है।”
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